न्यासी मंडल
सनातन संस्कृति उत्थान न्यास
सनातन संस्कृति उत्थान न्यास का संचालन एक समर्पित और उत्तरदायी न्यासी मंडल द्वारा किया जाता है, जो सेवा, संस्कार और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर कार्य करता है। ट्रस्ट का प्रत्येक निर्णय समाजहित, नैतिक मूल्यों और दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखकर लिया जाता है।
हमारा प्रबंधन ढांचा सुव्यवस्थित, उत्तरदायी और सामूहिक सहभागिता पर आधारित है।

ब्रह्मानंद दुबे
संस्थापक / न्यासी
संस्थापक एवं न्यासी के रूप में इन्होंने ट्रस्ट की स्थापना समाज में सांस्कृतिक जागरूकता और सेवा भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से की। इनके नेतृत्व में न्यास ने अपने कार्यों को संगठित रूप से आगे बढ़ाया है। ये सांस्कृतिक संरक्षण, धार्मिक जागरूकता और सामाजिक समरसता के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं।

ललित मिश्रा
न्यासी
न्यास के सक्रिय न्यासी के रूप में ये संगठनात्मक प्रबंधन, कार्यक्रम संचालन और सामाजिक सहभागिता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनका दृष्टिकोण शिक्षा, युवा मार्गदर्शन और जनकल्याण गतिविधियों को सुदृढ़ करना है। ये सेवा और समर्पण को संगठन की मूल शक्ति मानते हैं।
हमारी कार्यप्रणाली
सामूहिक निर्णय प्रक्रिया
पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था
नियमों एवं ट्रस्ट डीड के अनुसार संचालन
सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक प्रतिबद्धता
हमारी प्रतिबद्धता
न्यासी मंडल का संकल्प है कि ट्रस्ट के सभी कार्य पारदर्शिता, निष्ठा और सेवा भावना के साथ संचालित हों। हम समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ सहयोग और सहभागिता में विश्वास रखते हैं।
